Floating nuclear power plant: China और America के पास भी नहीं ये तकनीक जो Russia भारत को देना चाहता है

Floating nuclear power plant Russia भारत को देना चाहता है

अमेरिका और यूरोप के प्रतिबंधों के कारण रूस अब भारत और चीन की ओर रुख कर रहा है। हाल ही में, रूस ने भारत को floating nuclear power plant का प्रस्ताव दिया है जो भारत के लिए गेम-चेंजर हो सकता है। floating nuclear power plant जैसी तकनीक रूस के अलावा चीन और अमेरिका के पास भी नहीं है। पूरी दुनिया में इस तरह के फ्लोटिंग नुक्लेअर पावर प्लांट को लेकर रुचि बढ़ रही है।

वर्तमान में एकेडेमिक लोमोनोसोव जहाज पर लगाया गया floating nuclear power plant रूस के आर्कटिक में स्थित एक बंदरगाह शहर पेवेक को बिजली की सप्लाई करता है। रूस ने इस तकनीक को 2018 में ही विकसित कर लिया था। ये फ्लोटिंग नुक्लेअर पावर प्लांट 50 मेगावाट से 800 मेगावाट के बीच बिजली का उत्पादन कर सकते हैं।

floating nuclear power plant क्या है

floating nuclear power plant पानी पर तैरता हैं इसे भूमि की आवश्यकता नहीं होती इसलिए आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थानों पर ले जाया जा सकता है और किसी भी तटीय क्षेत्र में तुरंत बिजली की जरूरत को पूरा कर सकता हैं। पानी पर रहने के कारण भूकंप के प्रभाव से सुरक्षित हो जाता हैं। पानी पर स्थित होने सेफ्लोटिंग नुक्लेअर पावर प्लांट को कूलिंग के लिए पर्याप्त पानी मिलता है। ये फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट्स भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकते हैं।

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floating nuclear power plant का पर्यावरण पर प्रभाव

floating nuclear power plant पर्यावरणीय जोखिमों के साथ आता है जिन पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। पर्यावरण समूहों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा की फ्लोटिंग नुक्लेअर पावर प्लांट आपदा का कारण भी बन सकता है यदि इससे पानी में परमाणु कचरा लीक हो गया तो समुद्री जीवन दूषित हो जाएगा और सरे मछली और समुद्री जीव मारे जायेंगे।

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