pakistan news: पाकिस्तान का ऑफर सुन कर लगातार हस्ते रहे पुतिन SCO summit में

लगातार हस्ते रहे पुतिन SCO summit में

कजाकिस्तान देश के अस्ताना में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन (SCO summit) में भारत, चीन, रूस, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हुए है। शंघाई सहयोग संगठन मतलब (SCO summit) की स्थापना 15 जून, 2001 को चीन के शंघाई में छह संस्थापक देशों: कजाकिस्तान, चीन, किर्गिज गणराज्य, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा की गई थी। यह संगठन फाइव मैकेनिज्म से विकसित हुआ है, जो क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाता है।

प्राचीन वस्तु विनिमय प्रणाली का प्रस्ताव रखा पाकिस्तान ने

एससीओ शिखर सम्मेलन में शाहबाज शरीफ और व्लादिमीर पुतिन सहित विश्व नेताओं ने मुलाकात की। शाहबाज शरीफ और व्लादिमीर पुतिन के बैठक में ऊर्जा आपूर्ति पर भी चर्चा हुई, जिसमें रूस पाकिस्तान को कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस निर्यात करता है। पाकिस्तान को इन आपूर्तियों के लिए भुगतान करना था, जो पाकिस्तान के लिए एक मुश्किल मुद्दा था क्योंकि रूस डॉलर स्वीकार नहीं कर रहे थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने चीन मुद्रा युआन या रूस की मुद्रा रूबल से भुगतान के बजाय वस्तु विनिमय प्रणाली का प्रस्ताव रखा, एक अवधारणा जिसका उपयोग प्राचीन काल से किया जाता रहा है।

पाकिस्तान के शाहबाज शरीफ ने रूस के पुतिन को कैसे निराश किया

एससीओ शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं के बैठने की असामान्य व्यवस्था के कारण बैठक अजीबोगरीब रही, क्योंकि शाहबाज शरीफ को आराम के लिए अलग कुशन की जरूरत थी। बैठक के दौरान पुतिन शाहबाज शरीफ से हाथ मिलाने के लिए तैयार थे, लेकिन इसके बजाय वे रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव उनके पास चले गए और उनसे हाथ मिलाया।

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पाकिस्तान की मुद्रा का मूल्य काफी गिर गया है, जिससे उसे अपनी मुद्रा को बनाए रखना मुश्किल हो गया है। पाकिस्तान की मुद्रा का वर्तमान मूल्य एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 278 रुपया है, जो एक समय पर 300 रुपया होगया था।

एस.जे. शंकर रिप्रेजेंट कर रहे हैं एससीओ शिखर सम्मेलन

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग नहीं ले सके, लेकिन उन्होंने दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए अपने स्थान पर भारतीय विदेश मंत्री एस.जे. शंकर को कार्यभार संभालने के लिए भेजा है। भारत को भारत के विदेश मंत्री एस.जे. शंकर रिप्रेजेंट कर रहे हैं एससीओ शिखर सम्मेलन में दुनिया के नेता से मुलाकात करते हुए मध्य एशिया में भारत की भूमिका पर चर्चा की। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भव्य स्वागत किया गया कजाकिस्तान प्रेसिडेंट कासिम-जोमार्ट टोकायेव द्वारा।

एजेंडा क्या है?

सुरक्षा और स्थिरता एजेंडे में सबसे ऊपर होगी। शिखर सम्मेलन में कम से कम 20 प्रमुख दस्तावेजों पर विचार किया जाएगा। इनमें 2035 तक एससीओ विकास रणनीति, 2030 तक ऊर्जा सहयोग विकास रणनीति, 2025 से 2027 के लिए आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करने में सहयोग का कार्यक्रम और 2024 से 2029 तक नशीली दवाओं के खिलाफ रणनीति शामिल हैं।

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