प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोस्त पुतिन को यूक्रेन युद्ध पर शांति बना कर बातचीत से समाधान निकलने को कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोस्त पुतिन को यूक्रेन युद्ध पर बातचीत

युद्ध 20 फरवरी 2014 में शुरू हुआ और अब यह भयानक रूप ले चुका है और घातक होता जा रहा है। युद्ध इंसानों के हाथों में है, और जीवन की बलि देने से बचना महत्वपूर्ण है, खासकर बच्चों की। हर कोई अपने देश में शांति चाहता है और कोई भी अपने नागरिक की मृत्यु नहीं चाहता है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति पुतिन को क्या कहा

राष्ट्रपति पुतिन के सामने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि रूस यूक्रेन युद्ध में शांति की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की आनेवाली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए शांति आवश्यक है। युद्ध के मैदान में समाधान संभव नहीं, बंदूक से नहीं बातचीत से समाधान तलाशने की आवश्यकता है। बम बंदूक और गोलियों के बीच समाधान और शांति वार्ता सफल नहीं होती है”। रूस के क्रमलिन में राष्ट्रपति पुतिन के साथ मीटिंग में यह बातें कही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने।

क्या चाहते है रूस के लोग पश्चिम देशों से

भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने 1965 में भारत और पाकिस्तान को लेकर यूएसएसआर के दृष्टिकोण के समान शांति स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। शांति देश के रूप में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि रूस और यूक्रेन दोनों के साथ भारत के संबंध अच्छे हैं। प्रधानमंत्री का मानना ​​है कि युद्ध समाधान नहीं है और युद्ध के बिच शांति की आवश्यकता है। रूस के लोग पश्चिम देशों से न्याय और सुरक्षा के साथ शांति चाहते हैं।

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